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पहली बार 100 मदरसों को अनुदान सूची पर लिया गया

Posted on 12 August 2010 by admin

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने कहा है कि भारत सरकार ने अल्पसंख्यकों के हितो ंके लिए जो दिशा निर्देश दिए हैं, उनको क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने अल्पसंख्यको ंके उत्थान के लिए पहली बार 1995 में अलग से अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का गठन किया था। उन्होंने बताया कि रंगनाथ मिश्रा आयोग एवं सच्चर कमेटी की संस्तुतियों को लागू करने की जिम्मेदारी भारत सरकार की हैं।

यह जानकारी आज यहॉ सरकारी प्रवक्ता ने देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक उत्थान के लिये पूरी तरह सजग है और इन वर्गों के कल्याण के लिये विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। इन वर्गों के छात्रों को पूर्वदशम् एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति तथा प्रवेश शुल्क की प्रतिपूर्ति की सुविधाएं प्रदान कर लाभािन्वत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अंल्पसंख्यक समुदाय की पुत्रियों के विवाह हेतु आर्थिक सहायता दशमोत्तर तथा अभियन्त्रण संस्थाओं में अध्ययनरत छात्रों को मेडिकल एवं इन्जीनियरिंग पाठ्यक्रमों में परीक्षापूर्व कोचिंग की व्यवस्था की गई है तथा मुस्लिम बाहुल्य 21 जनपदों में मल्टी सेक्टोरल डिस्ट्रिक्ट डेवलेपमेंट योजना चलाई जा रही है। इसके अन्तर्गत अल्पसंख्यकों के लिए इन्दिरा आवास, आंगनवाड़ी केन्द्र, इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ उपकेन्द्र, स्वच्छ पेयजल हेतु हैण्डपम्प, तकनीकी शिक्षा के लिए आई0टी0आई0, भवन आदि सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। छात्रवृत्ति वितरण एवं मल्टी सेक्टोरल डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट प्लान के सफल क्रियान्वयन हेतु भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार की सराहना की है।

प्रवक्ता ने बताया कि वर्तमान सरकार ने अल्पसंख्यकों के उत्थान खासतौर से शैक्षिक उन्नयन के लिए सत्ता में आते ही 100 मदरसों को अनुदान सूची पर लेने की घोषणा की थी। इसके अनुपालन में 100 मदरसों को अनुदान सूची पर ले लिया गया है। इसके अलावा पहलीबार राज्य सरकार द्वारा आलिया (मुंशंी/मौलवी) को हाई स्कूल तथा आलिम को इण्टरमीडिएट के समकक्ष माना गया है, जो अन्य संस्थाओं में प्रवेश तथा सरकारी नौकरी के लिए मान्य है। इसके अतिरिक्त अल्पसंख्यकों की उच्चशिक्षा के लिए लखनऊ में उर्दू, अरबी तथा फारसी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है।

प्रवक्ता ने बताया कि वर्ष 1995 में मुख्यमन्त्री जी ने अपने शासनकाल के दौरान पिछड़ेवर्ग के मुस्लिम समुदाय को आरक्षण का लाभ दिया, जबकि यह लाभ देने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग ने जुलाई 1994 में ही अपनी संस्तुतियां दे दीं थीं, लेकिन तत्कालीन मुख्यमन्त्री ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया, परन्तु 03 जून, 1995 को मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने पिछड़ेवर्ग के मुस्लिम समुदाय के लोगों को लाभ देने के लिए शासनादेश जारी कराया, जिससे इन वर्गों को 27 प्रतिशत का आरक्षण का लाभ मिलने लगा।

प्रवक्ता ने बताया कि इसके अलावा अल्पसंख्यक युवक/युवतियों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए नगरीय क्षेत्रों में मान्यवर श्री कांशीराम जी अल्पसंख्यक स्वरोजगार योजना संचालित की जा रही है। प्रदेश सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिये पूरी तरह सजग और संवेदनशील हैं।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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