Categorized | झांसी

बुंदेलखंड में भूगर्भ जलस्तर की भयंकर स्थिति….

Posted on 31 July 2010 by admin

(विकास कुमार शर्मा )
झाँसी। ‘मर्ज बढ़ता गया ज्यों-ज्यों दवा की’। बुंदेलखंड में भूगर्भ जलस्तर की यही स्थिति है। केंद्रीय भूमि जल बोर्ड द्वारा बुंदेलखंड में भूगर्भ जलस्तर के उपलब्ध कराए गए आंकड़े चौंकाने वाले हैं। तीन जनपदों के कुछ स्थानों पर जलस्तर 3 मीटर से अधिक नीचे खिसक गया है। 18 स्थानों पर एक मीटर से अधिक जलस्तर घटा है। जलस्तर ऊपर उठाने की बुंदेलखंड में तमाम केंद्रीय और राज्य सरकार की योजनाएं चल रही हैं। स्वंयसेवी संगठन भी जुटे हुए हैं। लेकिन नतीजा ‘ढाक का तीन पात’ बना हुआ है। हालात सुधरने के बजाए और बिगड़ रहे हैं।

 बुंदेलखंड में  19 से अधिक स्थानों पर एक मीटर से ज्यादा भूजल नीचे जा चुका है। इनमें बांदा, बंदौला, चित्रकूट में पुखरी पुरवा, प्रसिद्धपुर और रायपुरा, हमीरपुर में कुरारा, जालौन में डकोर किशोर मौजा, क्योंझारी, महोबा, चुर्खी, झांसी में दरुआ सागर, एरच, पंद्योहा मोड़ और ललितपुर में बांसी व वनपुर शामिल हैं।

 बुंदेलखंड में गहरा रहे भूगर्भ जल संकट को लेकर प्रदेश सरकार शायद गंभीर नहीं है। यही वजह है कि भूगर्भ जल विभाग द्वारा यहां के लिए बनाई गई कई योजनाएं धूल खा रही हैं। करीब पांच वर्ष पूर्व भूगर्भ निदेशालय ने कहा था कि बुंदेलखंड में जल संरक्षण और संग्रहण की प्रबल संभावनाएं हैं। वर्षा जल संचयन और संवर्धन से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए भूगर्भ जल विभाग ने एक योजना शासन को भेजी थी। इस पर आज तक कार्यवाही नहीं हुई। इसके अलावा बांदा में एक रेन सेंटर की स्थापना का भी प्रस्ताव किया था। इस सेंटर में यह सिखाने का प्रस्ताव है कि वर्षा जल को तकनीकी रूप से कैसे जमीन के अंदर भेजा जा सकता है। इच्छुक लोगों को प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी प्रशिक्षण देंगें । सेंटर में एक छोटा पुस्तकालय भी होगा। जिसमें पानी से संबंधित किताबें और एटलस आदि भी होंगे। मगर ऐसी कई योजना आज भी अनुमति की प्रतिक्चा में धुल खा रही है बुंदेलखंड का मुख्या  जिला झाँसी में तो रेन बाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था कई सरकारी बिल्डिंगो में की गई मगर आज सब बेकार पड़ी है प्रशासन को कोई चिंता नही है रेन बाटर हार्वेस्टिंग को जरुरी बनाने के लिए कोई ठोस कदम नही उठाया जा रहा है आज जहा नगर के सुन्दरीकरण के लिए नै सड़के सी सी रोड एपेक्स का जाल बिछाया जान जरुरी हो गया है वो  तो वही रेन बाटर हार्वेस्टिंग भी जरुरी हो गया कियोकी बारिस का सारा पानी बहकर नालो में चल जाता है जमीन उसे सोख ही नही पाती है  मगर इस और प्रशासन का ध्यान  नही है
बुंदेलखंड में पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। यहां पानी बहुमूल्य हो गया है और पानी की रखवाली खजाने की तरह की जा रही है। कुओं से लेकर हैंडपंप तक की रखवाली हथियारों के साये में हो रही है।

बुंदेलखंड का बुरा हाल है। यहां लोगों को कई-कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रह है। आलम यह है कि पानी ढोने के काम में ट्रैक्टर, बैलगाड़ी, जीप से लेकर मारुति कार तक का उपयोग हो रहा है।

प्रदेश सरकार में कई रसूखदार मत्रियों के  जनपद का  झाँसी मंडल मुख्यालय शहर भी भूगर्भ जलस्तर संकट की चपेट में। यहाँ तेजी से खिसक रहा  हैं  चिंताजनक है।


Vikas Sharma
bundelkhandlive.com
E-mail :editor@bundelkhandlive.com
Ph-09415060119

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.

Advertise Here

Advertise Here

 

March 2026
M T W T F S S
« Sep    
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
-->









 Type in