Archive | लखनऊ.

अरबी-फारसी बोर्ड की परीक्षाओं हेतु 04 करोड़ रुपये मंजूर

Posted on 13 April 2018 by admin

लखनऊः 13 अप्रैल, 2018

प्रदेश सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में अरबी-फारसी मदरसा बोर्ड द्वारा संचालित वार्षिक परीक्षा के आयोजन/संचालन हेतु प्रथम किश्त के रूप में 04 करोड़ रुपये मंजूर किये हैं। इन परीक्षाओं के संचालन /आयोजन हेतु इस वर्ष 08 करोड़ रुपये प्राविधानित है।
इसी प्रकार मदरसों के कर्मचारियों को पेंशन/पारिवारिक पेंशन तथा ग्रेच्यूटी के भुगतान हेतु प्रथम किश्त के रूप में 27.50 लाख रुपये मंजूर किये गये हैं। इस सम्बन्ध में शासनादेश जारी कर दिया गया है, जिसके अनुसार मंजूर की गयी धनराशियाँ व्यय की स्वीकृति सहित निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण को उपलब्ध करा दी गयी हैं।

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उन्नाव के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं आकस्मिक चिकित्साधिकारी निलम्बित तथा तीन अन्य चिकित्सकों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही

Posted on 13 April 2018 by admin

लखनऊ 13 अप्रैल, 2018

राज्य सरकार ने उन्नाव में विचाराधीन बन्दी, श्री पप्पू उर्फ सुरेन्द्र सिंह पुत्र स्व0 मंगल सिंह की ‘उमाशंकर दीक्षित जिला पुरूष चिकित्सालय’ उन्नाव में उपचार के दौरान हुई मृत्यु के संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी उन्नाव की अध्यक्षता में गठित समिति की जांच आख्या एवं जिलाधिकारी उन्नाव की प्रारम्भिक आख्या के आधार पर दोषी पाये गये मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा0 डी.के. द्विवेदी एवं आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी डा0 प्रशान्त उपाध्याय को पदीय दायित्वों एवं कर्तव्यों के प्रति घोर उदासीनता एवं लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ विभाग द्वारा इस संबंध में आवश्यक आदेश निर्गत कर दिये गये हैं।
यह जानकारी आज यहां प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री प्रशान्त त्रिवेदी द्वारा दी गयी। उन्होंने बताया कि निलम्बन अवधि में डा0 द्विवेदी एवं डा0 उपाध्याय को महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उत्तर प्रदेश लखनऊ से संबद्ध किया गया है।
श्री त्रिवेदी ने बताया कि प्रश्नगत प्रकरण में वरिष्ठ परामर्शदाता (सर्जन) डा0 जी.पी. सचान, डा0 मनोज कुमार आर्थो सर्जन, डा0 गौरव अग्रवाल आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी उमाशंकर दीक्षित जिला पुरूष चिकित्सालय उन्नाव अपने पदीय दायित्वों एवं कर्तव्यों के प्रति घोर उदासीनता एवं लापरवाही बरतने के प्रथमदृष्टया दोषी हैं। इन लोगों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित की गई है। प्रश्नगत विभागीय कार्यवाही में निदेशक (प्रशासन) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उ0प्र0 लखनऊ को जांच अधिकारी नामित किया गया है।

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मदरसा बोर्ड परीक्षाः मदरसों के प्रभारी द्वारा परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र उपलब्ध कराये जायेंगे

Posted on 13 April 2018 by admin

प्रवेश पत्र को मदरसा बोर्ड के पोर्टल से डाउनलोड करना होगा
लखनऊः 13 अप्रैल, 2018

उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा आगामी 16 अप्रैल से संचालित की जा रही विभिन्न परीक्षाओं के लिए प्रवेश पत्र सम्बन्धित मदरसे के प्रभारी द्वारा मदरसा बोर्ड के पोर्टल से डाउनलोड कर सम्बन्धित परीक्षार्थियों को उपलब्ध कराये जायेंगे।
यह जानकारी आज यहां मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार, श्री राहुल गुप्ता ने दी। उन्होंने बताया कि मदरसे के प्रभारी द्वारा मदरसा बोर्ड के पोर्टल पर जाकर मदरसे की आईडी एवं पासवर्ड डालकर प्रवेश पत्र डाउनलोड किये जायेंगे। उन्होंने सम्बन्धित मदरसा प्रभारियों को निर्देश दिये हैं कि वह प्रवेश पत्र डाउनलोड कर छात्रों को परीक्षा शुरू होने से पूर्व उपलब्ध करायें।

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कल अग्निशमन सेवा शहीद स्मृति दिवस का किया जाएगा आयोजन

Posted on 13 April 2018 by admin

14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक मनाया जाएगा अग्नि सुरक्षा सप्ताह
लखनऊ: 13 अप्रैल, 2018
अग्निशमन विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में दिनांक 14 अप्रैल, 2018 को अग्निशमन सेवा शहीद स्मृति दिवस का आयोजन किया जाएगा तथा इसी दिन से प्रारम्भ होकर एक सप्ताह तक अग्नि सुरक्षा सप्ताह मनाया जाएगा। अग्नि सुरक्षा सप्ताह के दौरान प्रत्येक जनपद में अग्निशमन केंद्रों पर जनता को विभिन्न अवसरों पर आग लगने की दशा में बरती जाने वाली विभिन्न प्रकार की सावधानियों की जानकारी दी जाएगी ताकि जन-धन की क्षति को न्यूनतम किया जा सकें।
उ0प्र0 फायर सर्विस विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार प्रत्येक जनपद में 14 अप्रैल केा स्मृति दिवस परेड एवं पिन फ्लैग लगाया जाएगा, 15 अप्रैल को फायर स्टेशन व महत्वपूर्ण स्थानों पर समस्त फायर स्टेशन क्षेत्रों में फायर रैली निकाल कर जनता को जागरुक किया जाएगा, 16 अप्रैल को स्कूलों में अग्नि सुरक्षा से संबंधित विषयों निबंध एवं चित्रकला का आयोजन, 17 से 19 अप्रैल को जनपद मुख्यालय व तहसील स्तर पर बहुखण्डीय भवनों का निरीक्षण, अग्नि सुरक्षा से संबंधित जनजागरण, आग से बचाव ही सबसे अच्छी सुरक्षा संकल्प पर जोर दिया जाना, बहुखण्डीय भवनों में अग्नि से सुरक्षा अग्नि निवारण, जीव सुरक्षा एवं अग्निशमन व्यवस्थाओं की जाच हेतु अभियान चलाया जाना तथा गोष्ठी का आयोजन कर व्यापार मण्डल के संभ्रांत व्यक्तियों एवं नागरिकों को बुलाकार विचार-विमर्श किया जाएगा। 20 अप्रैल को अग्नि सुरक्षा जागरुकता अभियान चलाया जाएगा।
अग्नि सुरक्षा सप्ताह में नागरिकों को अग्नि निवारण, जीवन सुरक्षा तथा अग्नि से बचाव से संबंधित जानकारी दी जाएगी है। इस वर्ष भारत सरकार ने अग्नि सुरक्षा का संकल्प ‘‘थ्पतम सवेे पे छंजपवदंस स्वेे.स्मज ने ंकवचज थ्पतम ैंमिजल डमंेनते‘‘ (आग से राष्ट्रीय नुकसान-आइये मिलकर अग्नि सुरक्षा उपायों को अपनाएं) निर्धारित किया गया है। अग्नि सुरक्षा सप्ताह में नागरिकों को जागरुक करने तथा आग की रोकथाम की व्यवस्था, सुरक्षित एवं पर्याप्त पलायन मार्ग की व्यवस्था, पर्याप्त पहुंच मार्ग की व्यवस्था, आग की स्थिति में जीवित रहने के उपाय, उद्योगों में अग्नि सुरक्षा व सावधानियां, विद्युत अग्नि सुरक्षा व सावधानी, बहुमंजिले भवनों में अग्नि सुरक्षा, अपंग व्यक्तियों को अग्नि सुरक्षा, पटाखों से सावधानी तथा फायर एक्सटिंग्यूशर का प्रयोग किस प्रकार करें का प्रशिक्षण दिया जागएा।
विभाग से प्राप्त सूचना के अनुसार वर्तमान में प्रदेश के 75 जनपदों में कुल 286 फायर स्टेशन तथा अग्निशमन सेवा के 9172 कर्मी ‘‘त्रायण सेवा महे‘‘ की भावना से कुल 1560 वाहनों/मशीनों/पम्पों की सहायता से निष्ठापूर्वक कर्तव्यों का पालन कर रहें है। अग्निशमन सेवा के कर्मियों ने वर्ष 2017 में 36,019 अग्नि दुर्घटनाओं में 1694 मनुष्यों व 5,514 पशुओं की जीव रक्षा की गई एवं लगभग 28 अरब 01 करोड़ रुपये की सम्पत्ति बचाई गई। प्रत्येक वर्ष ग्रीष्मकालीन अग्नि दुर्घटनाओं के रोकथाम के लिए जनहित में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 01 मार्च से 30 जून तक जनपदों के तहसील मुख्यालयों पर 72 सीजनल फायर स्टेशन स्थापित किए जाते हैं तथा शीतकालीन अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु 01 अक्टूबर से 31 दिसम्बर तक शीतकालीन सीजनल फायर स्टेशन प्रत्येक वर्ष स्थापित किए जाते हैं।

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सूखा घोषित 05 जनपदों की 12 तहसीलों में पेयजल आपूर्ति हेतु 60 लाख रुपये मंजूर

Posted on 13 April 2018 by admin

लखनऊ: 13 अप्रैल, 2018
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सूखा घोषित जनपद सोनभद्र, मिर्जापूर, महोबा, झांसी एवं ललितपुर के रबी फसल के लिए सूखा घोषित 12 तहसीलों को समस्या ग्रस्त क्षेत्रों में टैंकरों से पेयजल आपूर्ति के लिए प्रत्येक तहसील में 05 लाख की दर से कुल 60 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृति कर दी है।
राहत आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जनपद सोनभद्र के सूखा घोषित 03 तहसीलों के लिए 15 लाख रुपये, जनपद मिर्जापुर के सूखा घोषित 01 तहसील के लिए 05 लाख रुपये, जनपद महोबा के सूखा घोषित 03 तहसीलों के लिए 15 लाख रुपये जनपद झांसी के सूखा घोषित 04 तहसील के लिए 20 लाख रुपये तथा जनपद ललितपुर के सूखा घोषित 01 तहसील के लिए 05 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।

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भजन संध्या स्थल के निर्माण हेतु 477.67 लाख रुपये की द्वितीय किश्त मंजूर

Posted on 13 April 2018 by admin

लखनऊ: 13 अप्रैल, 2018
राज्य सरकार द्वारा जनपद फैजाबाद में भजन स्थल संध्या स्थल के निर्माण के लिए 477.67 लाख रुपये की द्वितीय किश्त की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है।
धर्मार्थ कार्य विभाग से मिली से मिली जानकारी के अनुसार जनपद फैजाबाद में भजन संध्या स्थल के निर्माण हेतु 1477.69.7 लाख रुपये आंकलित की गई थी। जिसके अनुरूप 5.00 करोड़ रुपये की धनराशि शासन द्वारा पहले ही निर्गत की जा चुकी है।

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जैव ऊर्जा उद्यम प्रोत्साहन संबंधी नियमावली प्रख्यापित

Posted on 13 April 2018 by admin

जैव ऊर्जा उद्यमों के लिए निवेश की असीमित संभावनायें
लखनऊ: 13 अप्रैल, 2018
राज्य सरकार ने प्रदेश में जैव ऊर्जा प्रोत्साहन कार्यक्रम को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम के तहत उद्यमियों तथा निवेशकों को विशेष सुविधाएं सुलभ कराने की प्रयास की गई है। इसके लिए आकर्षक एवं व्यवहारिक नियमावली प्रख्यापित की गई है। सरकार का पहल है कि राज्य में जैव ऊर्जा परियोजनाएं बड़ी संख्या में स्थापित हों, ताकि लोगों को रोजगार के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध हो सकें।
यह जानकारी अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग के प्रमुख सचिव श्री आलोक कुमार ने दी है। उन्होंने बताया कि विभिन्न जैव ऊर्जा परियोजनाओं जैसे-डीजल, बायो एथेनाॅल, मेथेनाॅल, बायो गैस, बायो सीएनजी, प्रोडयूसर गैस, बायो कोल उत्पादन इकाईयों पर विशेष प्रोत्साहन देने का प्राविधान किया गया है। जैव ऊर्जा के उत्पादन से पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य की प्राप्ति, पेट्रोलियम आधारिर्त इंधन की खपत को उत्तरोत्तर रुप से कम करने, अतिरिक्त रोजगार सृजन तथा आर्गेनिक खेती हेतु आवश्यक इनपुट की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया है।
प्रमुख सचिव ने बताया कि प्रख्यापित नियमावली में जैव ऊर्जा उद्यम प्रोत्साहन योजना में निवेश पर पूॅजीगत अनुदान की तीन सीमायें तय की गई है। इसमें स्तर-1 की परियोजना हेतु 10 करोड़ रुपये सेे कम, स्तर-2 की परियोजनाओं के लिए 10 से 100 करोड़ रुपये तक तथा स्तर-3 की परियोजनओं के लिए 100 करोड़ रुपये से ऊपर की परियोजनायें ली जायेगी।
नियमावली में वित्तीय सहायता हेतु परियोजना लागत के विभिन्न अंशों की गणना का आधार जैव ऊर्जा प्रोत्साहन हेतु जारी दिशा निर्देश तथा औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-12017 को रखा गया है। योजनान्तर्गत विभिन्न उपादान की गणना करते समय परियोजना लागत में भूमि व प्रशासकीय भवन की लागत को सम्मिलित नहीं किया जाएगा। यंत्र एवं संयत्रों की स्थापना, अनुसंधान एवं विकास गतिविधयों, आंतरिक परिक्षण सुविधाओं, भण्डारण सुविधाओं, उत्पादन प्रक्रिया से संबंधित नये भवनों के निर्माण में की गई लागत को वास्तविक व्यय के आधार पर भवन के मूल्य हेतु आवंटित किया जाएगा। अवस्थापना सुविधाओं के अंतर्गत ऐसी नई सड़कें, सीवर लाइन, जलनिकाशी, पावर लाइन, रेलवे, साइडिंग आदि के कार्य माने जाएगे। औद्योगिक उपक्रम के स्वयं प्रयोग हेतु इन्फ्युलएट इस्टिमेट प्लांट, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, ट्रांसफार्मर एवं पावर फीडर की स्थापना भी शामिल होगी।
श्री आलोक कुमार ने बताया कि बायो एथेनाॅल, बायो डीजल, ड्राप-इन-फ्यूल, मेथेनाॅल तथा अन्य बायो फ्यूल के उत्पादन में भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा स्थापित गुणवत्ता मानकों का प्रत्येक दशा में अनुपालन करना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि जैव ऊर्जा परियोजना के लिए वर्ष में दो बार विज्ञापन के माध्यम में आवेदन आमंत्रित लिए जायेंगे। प्राप्त आवेदन पत्रों पर इच्छुक उद्यमियों की निवेश सीमा के आधार पर विचार किया जाएगा। आवेदन पत्रों को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। समिति के अनुमोदन के उपरान्त मान्य प्रस्तावों को ‘लेटर आॅफ कन्फर्ट‘ जारी किया जाएगा।
आवेदन पत्र का निर्धारित प्रारुप उद्योग विभाग, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग, नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा विभाग अभिकरण तथा योजना भवन लखनऊ स्थित उ0प्र0 राज्य जैव ऊर्जा विकास बोर्ड कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है।

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भूगर्भ जल विभाग की वित्तीय योजनाओं हेतु 79.96 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत

Posted on 13 April 2018 by admin

लखनऊ: 13 अप्रैल, 2018
राज्य सरकार ने भूगर्भ जल विभाग में चालू विभिन्न योजनाओं हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष में 79.96 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृति की है।
प्रमुख सचिव, लघु सिंचाई एवं भूगर्भ जल विभाग श्रीमती मोनिका एस0 गर्ग की ओर से इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी कर दिए गए हैं। आदेशानुसार इस धनराशि से भूगर्भ जल सर्वेक्षण का विकास, आंकलन एवं सुदृढ़ीकरण योजना, शासकीय भवनों पर रुफटाप रेन हार्वेस्टिंग प्रणाली के कार्य, भू-जल संसाधनों की गुणवत्ता का अनुश्रवण एवं मैपिंग के कार्य, भू-जल जन जागरुकता एवं प्रचार-प्रसार के साथ राज्य भू-जल संरक्षण मिशन के विभिन्न कार्यों को सम्पादित किया

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सम्पत्ति बनाने की जगह गुणात्मक शिक्षा से प्रत्येक बच्चे को देश के लिए उपयोगी नागरिक बनायें निजी विद्यालय

Posted on 13 April 2018 by admin

लखनऊ, 13 अप्रैल। आज पूरे देश में निजी स्कूलों के प्रबन्धकों पर तरह-तरह के आरोप लग रहे है। इसके विपरीत गिनीज बुक आॅफ वल्र्ड रिकार्ड में एक ही शहर में सबसे अधिक बच्चों वाले स्कूल के रूप में दर्ज एवं वर्ष 2002 के यूनेस्को प्राइज फाॅर पीस एजूकेशन पुरस्कार से सम्मानित लखनऊ के सिटी मोन्टेसरी स्कूल के संस्थापक-प्रबंधक एवं भूतपूर्व विधायक डाॅ. जगदीश गाँधी और उनकी धर्मपत्नी डाॅ. भारती गाँधी की लगभग 59 वर्ष स्कूल संचालन के बाद भी मात्र 15,45,340.53 (पन्द्रह लाख पैंतालीस हजार तीन सौ चालीस रूपये एवं तिरपन पैसे) की सम्पत्ति देश के अन्य प्रतिष्ठित स्कूल प्रबंधकों के लिए एक उदाहरण है।

5 अप्रैल, 2018 घोषित सम्पत्ति के अनुसार इन दोनों के पास कुल मिलाकर रू0 15,45,340.53 (पन्द्रह लाख पैंतालीस हजार तीन सौ चालीस रूपये एवं तिरपन पैसे) की सम्पत्ति है। डा. जगदीश गाँधी व डा. (श्रीमती) भारती गाँधी ने घोषित किया है कि उनके पास अचल सम्पत्ति के रूप में कुछ भी नहीं है। वे विगत 59 वर्षों से किराये के मकान में रहते हैं, उनके पास अपना कोई मकान नहीं है और न ही किसी प्रकार की जमीन व प्रापर्टी आदि है। किसी भी बैंक में उनका कोई लाॅकर आदि नहीं है और न ही किसी प्रकार की विदेशी मुद्रा, सोना, चांदी अथवा किसी प्रकार के आभूषण हैं। इसके अलावा किसी भी बैंक में उनके नाम पर कोई चालू खाता (करेन्ट एकाउन्ट) नहीं है और न ही कोई फिक्स डिपाजिट है। आप दोनों प्रख्यात शिक्षाविदों ने घोषणा की है कि उपरोक्त वर्णित सम्पत्तियों के अलावा अन्य किसी भी प्रकार की कोई भी अन्य व्यक्तिगत सम्पत्ति उनके पास नहीं है। यह जानकारी डा0 गाँधी की वेबसाइट www.jagdishgandhiforworldhappiness.org पर भी उपलब्ध है।

डाॅ. गाँधी उत्तर प्रदेश की पांच वर्षों तक विधायक रहकर भी जन सेवा व समाज सेवा की है। इस अवधि में या इसके पहले या बाद में भी इन्होंने कभी भी प्रदेश सरकार या भारत सरकार से कोई आर्थिक सहायता नहीं ली है। गाँधी दम्पत्ति का जीवन एक खुली किताब की तरह है। इन्होंने सदैव ही अपने जीवन में सादगी को ज्यादा महत्व दिया है। इन दोनों का मानना है कि बच्चों की सर्वोत्तम शिक्षा ही परमात्मा की सबसे बड़ी पूजा है। इस प्रकार बच्चों की शिक्षा के माध्यम से धन कमाना इनका उद्देश्य कभी भी नहीं रहा है, अपितु बच्चों की शिक्षा के माध्यम से समाज की सेवा करना ही इनका उद्देश्य है। गाँधी दम्पत्ति द्वारा वर्ष 1959 में जिस विद्यालय को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपनों को पूरा करने के लिए ‘जय जगत’ के ध्येय वाक्य को अपनाते हुए मात्र 5 छात्रों से शुरू किया गया था उस विद्यालय में वर्तमान में 55,000 से अधिक बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

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भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश चन्द्र शुक्ला अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस पार्टी में शामिल

Posted on 13 April 2018 by admin

कांग्रेस विधि-विभाग की संविधान समीक्षा चर्चा में शामिल हुए प्रदेश के अधिवक्ता

कुशीनगर की तमकोही राज तहसील में पिछले दिनों में उत्तर-प्रदेश सरकार की मिली भगत से बालू खनन माफियाओं द्वारा जबरन कब्जा की गई भूमिधरी जमीन के विरोध में कृषकों के आन्दोलन का समर्थन करने पर कांग्रेस विधायक अजय लल्लू राज को पुलिस ने जमानती अपराध की धाराओं में गिरफ्तार कर लिया था जिसके विरोध में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने पार्टी के हजारों समर्थकों के साथ किसानों के साथ संघर्ष किया उसके बाद कांग्रेस के विधि-विभाग के चेयरमैन गंगा सिंह ने सरकार के अत्याचार विरुद्ध अपनी टीम के साथ जमीनी हकीकत का पता लगाने का बहुत बड़ा कार्य किया जिसमें वरिष्ठ-उपाध्यक्ष रमेश चन्द्र श्रीवास्तव, प्रदेश उपाध्यक्ष डी.एस.तिवारी, श्रवण कुमार श्रीवास्तव, श्रीमती किरन बाजपेयी, आशुतोष सिंह आशू, वीरेन्द्र कुमार सिंह गौतंम प्रदेश संयोजक शमशाद आलम, जहिराह्मद खान,श्रीमती शीला मिश्रा, सी.पी. तिवारी, अभिषेक कौशिक,राजेन्द्र जायसवाल, औसाफ अहमद संसार पाल, शैलेश त्रिपाठी, कुलदीप मिश्रा, एस.के.अवस्थी, अमरेन्द्र कुमार, सर्वेश रावत, आर चन्द्रा, अमित सचान, मो.शब्बीर ‘भोलू’ एवं कार्यालय सचिव अनस खान मौजूद थे l आज डा. भीम राव अम्बेडकर की पूर्व संध्या पर माल्यार्पण करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष डी.एस.तिवारी ने कहा कि वर्तमान सरकार संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने में अस्मर्थ है इसलिए इसे सत्ता से हट जाना चाहिए l

प्रदेश मीडिया प्रभारी वी.के.पाण्डेय ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ अधिवक्ता भाजपा की जनविरोधी नीतियों के चलते फ़ैजाबाद के रमेश चन्द्र शुक्ला ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए और कहा कि भाजपा में शामिल हुए कहा कि आज देश में ‘अंतिम-आदमी’ के लिए कोई जगह नहीं है लेकिन हमारा विधि-विभाग इसके क़ानूनी पहलुओं पर विचार करने के लिए पूरे प्रदेश से पदाधिकारियों की बैठक आहूत करके संविधान समीक्षा चर्चा की जिसमें प्रमुख रूप से पूर्व गृह राज्य मंत्री राम कृष्ण दिवेदी, अनुशासन समिति सदस्य फजले मसूद, प्रदेश कमेटी महासचिव प्रमोद सिंह एवं प्रवक्ता द्विजेन्द्र त्रिपाठी ने भी संबोधित किया और कहा कि संविधान का उद्देश्य अंतिम-आदमी को व्यवस्था के केंद्र में लाना था लेकिन आज इनके विरूद्ध शोषण एवं अत्याचार जारी है जिसे कांग्रेस कभी स्वीकार नहीं करेगी l

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